Full on Akad Attitude Status in Hindi

हाथ पे घडी कोई भी बंधी हो …. लेकिन वक़्त अपना होना चाहिए ”

 

पसंद आया तो दिल में रखता हु , नहीं तो दिमाग में भी नहीं .”

 

हमारी नियत का पता तुम क्या लगाओगे गालिब,हम तो नर्सरी में थे तब भी मैडम अपना पल्लू सही रखती थी.

 

मेरे बाद किसी और को हमसफ़र बनाकर देख लेना .. तेरी ही धड़कन कहेगी कि उसकी वफ़ा में कुछ ओर ही बात थी।

 

जिनकी नज़रों में ????हम अच्छे नही,वो अपनी आँखो का इलाज करवाये..

 

Dekh Babe, नमक स्वाद अनुसार और अकड़ औकाद अनुसार ही अच्छी लगती है

 

“Pasand aaya to Dil me rakhta hu, Nahi to to Dimag me bhi nahi.”

 

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी।

 

मिल सके आसानी से, उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं!

 

तेरा घमंड तो दो दिन की कहानी हैं रानी पर मेरी ये अकड़ तो खान दानी हैं।

 

जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले.

 

काम एसा करो की नाम हो जाये वरना नाम एसा करो की नाम लेते ही काम हो जाये।

 

कोई ना दे हमें खुश रहने की दुआ, तो भी कोई बात नहीं वैसे भी हम खुशियाँ रखते नहीं, बाँट दिया करते है.

 

मेरी सोच और मेरी पहचान, दोनों तेरी औकात से बहार है।

 

तुम्हारा दिल है या किसी मंत्री का इस्तीफा, कब से मांग रहा हूँ, दे ही नहीं रही हो..

 

मेरे बारे में इतना मत सोचना, दिल में आता हूँ, समज में नही।

 

वो भी आधी रात को निकलता है और मैं भी फिर क्यों उसे “चाँद” और मुझे “आवारा” कहते हैं लोग?

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